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ज़माने के...

ज़माने के तानो से अब फ़र्क़ नहीं पड़ता एक उसके बदल जाने से अब फ़र्क़ नहीं पड़ता माना वो नज़र मिलाया करते थे कभी मगर अब उनके नज़र चुराने से कोई फ़र्क़ नहीं पढता

By Samreen Sheikh
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