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"वादे और...

"वादे और भ्रम दोनों एक से होते है न तो कभी वादे निभते और न ही भ्रम हकीकत बनते है और जो निभाए जाए वो वादे नहीं वो असल में रिश्ते कहलाते है इसलिए वादे वादे होते है और वादे कभी निभते नहीं "

By Sakshi Nagwan
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