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"पैसा !...

“ "पैसा ! पैसा ! पैसा ! बस यही एक शब्द है जो की एक व्यक्ति सोचता है और बोलता है आज के समाज में अच्छाई नहीं बल्कि पैसा बोलता है वयक्ति की ईमानदारी और अच्छाई पैसे से तोली जाती है " ”

By Sakshi Nagwan
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