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चुनते हैं...

“ चुनते हैं हम इन्हे जो करते है मुहब्बत को ख़ून से भी मज़बूत, फासलों को ये गले लगाते, साथ छूटे तो रूठ जाते; पलकों के लम्हे बना देते है सनातन जिनके धक्के से मिलता है जीने का आशवसन। ”

By Haimosree Chakrabarti
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