STORYMIRROR

टूटा है दिल...

टूटा है दिल हमारा भी पर ग़म छिपा लिया करते है मुस्कुराते है इस क़दर कि लोग हमें ख़ुशनुमा समझते है मिलना और बिछड़ना हांथ में इंसान के होता तो शमशान का नामोनिशान न होता

By khushbu singh Tomar
 129