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ज़िंदगी...

ज़िंदगी यादों का सिलसिला है जिसमें हर इन्सान सिमटा हुआ है आज का वक़्त कल के लिए याद होगा तो हम पर है बुरी या अच्छी यादें बुनना

By khushbu singh Tomar
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