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शायरी 1-व...

शायरी 1-वीरान दिल की घंटियां किसी ने बजाई है। एक बार फिर जीने की उम्मीद जगाई है। 2-ढो रहा था अपनी लाश को अपने ही कंधों पर। बुझे चिरागों को फिर किसी ने रोशनी दिखाई है।। ....वंदना शरत

By सत्येंद्र कुमार मिश्र शरत
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