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साथ सात...

साथ सात जन्मों का तुम, निभाने की बात करते हो, चार कदम साथ क्या चले,अब चलने से एतराज करते हो, कहते थे साथ रहेंगे हम, जैसे एक और एक ग्यारह होते हैं यहाँ तो तुम्हारा दिल ही नहीं अपना,बस बहाने बनाते हो अनुराधा चौहान

By anuradha chauhan
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