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नोटों से जो...

नोटों से जो भरी थी जेब तो सारे रिश्ते महफूज थे , फटी जो जेब हमारी ,तो सिक्कों की तरह सारे रिश्ते हाथ से हमारे फिसल गये मंजु सराफ

By Manju Saraf
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