STORYMIRROR

मातृभूमि से...

मातृभूमि से बड़ा कोई स्वर्ग नही। मातृभाषा से सरल कोई भाषा नही। मा से बड़ा कोई गुरू नही और माँ भारती के जैसे कहीं संस्कार नही।

By Akella Mani Sharma
 1594