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कुछ पुकारों...

“ कुछ पुकारों को भीतर से लगाने की ज़रूरत होती है, जैसे गए हुए लोगों की याद को बांटना। लेकिन कुछ ऐसी भी पुकारें होती हैं, जिन्हें कभी भी बाहर की दुनिया में नहीं रखना चाहिए, जैसे अस्पताल में गंभीर मरीज के बारे में आ रहे बुरे ख़याल. -जिया ”

By Jiya Prasad
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