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कोई कसमें...

कोई कसमें कोई वादे ना रहें, हम आधे थे,अब आधे ना रहें, लेकर चले थे घर से एक-आधे इरादे, इरादे अब वो इरादे ना रहें...!

By Rajit ram Ranjan
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