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तीन दोस्त...

“ तीन दोस्त थे जो चाहकर भी एक दूजे से नहीं मिल पाते थे ना कोई नफरते थी, ना कोई लड़ाई और ना ही कोई ज़िम्मेदारी उनका नाम था ‘बीता हुआ कल ‘,’आज’ और ‘कल’ ”

By Shubham Srivastava
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