STORYMIRROR

आसुंओ को...

आसुंओ को पलकों से कुछ यूं सवार रखा है हमदर्द को अपने साये से कुछ यूँ दूर रखा है मौत भी हट करती दिख रही तेरे बिन हसकर कहती है मुझसे तेरी रूह तो मोहब्बत से आबादा होगी इंतज़ार कर ... बस एक और दिन!!

By Sukriti Narayan
 501