STORYMIRROR

जीवन में...

जीवन में कुछ किरदार हम चुनते हैं और कुछ हमें चुनते हैं। निभाओ तो कुछ ऐसे, जो दिल में उतर जाए। क्योंकि जीवन की इस भीड़ में किरदार ही सांस लेता है। वरना भीड़ तो धूआँ है, मटमैला सा...! जिसका कोई किरदार नहीं होता। परमजीत कौर

By paramjit kaur
 210