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जीवन जीने...

जीवन जीने का मजा ही बचपन मे अनोखा था , बचपना जीवन का मौज मस्तियाँ ही स्वपनिल थी, काश वो जिंदगी फिर आ जाती , जीवन मे बचपना खुशहाली ले आती! ~ रुपेश कुमार

By Rupesh Kumar
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