STORYMIRROR

हसरतों से...

हसरतों से भरी इस दुनिया में हज़ारों ख़्वाब सजे हैं। कुछ टूट गए तो कुछ सो गए नाकामयाबी की नींद। ~दिशा

By Disha Gaur
 128