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अल्फ़ाज़ों के...

अल्फ़ाज़ों के धागे से कुछ ख़्वाब बुने हैं। ये मेरे वो अपने हैं जो मैंने खुद चुने हैं। परोसी है आँखों में उम्मीद की बूँदें, पर लगे हैं उम्मीदों के जो मेरे दिल की सुने हैं। .....दिशा

By Disha Gaur
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