STORYMIRROR

बैठें...

बैठें इंतेज़ार मे, अब ये इरादा कर के "ऐ-ज़िंदगी", होंगे रु-ब-रु तभी तुझसे से ... जब दीदार-ए-यार मयस्सर हो....!! .......इंदर भोले नाथ

By इंदर भोले नाथ
 103