STORYMIRROR

अपराध को...

अपराध को छिपाने का नया महकमा बन गया, जिसे दी जिम्मेदारी हमने सुरक्षा की, वही बहसी बन गया।। कभी घर लूटा कभी लूट ली अस्मत, कही दंगे हुए, कही बलात्कारी, वोट लेकर नेता भी करते है अब ग़द्दारी। अपराध को छिपाने का नया महकमा बन गया।

By Awadhesh Negi
 140


More hindi quote from Awadhesh Negi
2 Likes   0 Comments
2 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
2 Likes   1 Comments

Similar hindi quote from Abstract