STORYMIRROR

जल रहे कही...

जल रहे कही मकान, जल रही कही अस्मत, धुंआ धुंआ है धरती, और धुंआ धुंआ है आसमां।। जीवन की आश अब लगती है जैसे मरुभूमि में प्यास, शिकारी डेरा डाले है गली गली, नोचने को मांस क्या करेगा मनुज हृदय जब रुकने को है सांस।।

By Awadhesh Negi
 61


More hindi quote from Awadhesh Negi
2 Likes   0 Comments
2 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
2 Likes   1 Comments

Similar hindi quote from Crime