STORYMIRROR

आँसुओं को...

“ आँसुओं को इसतरह मत बहाओ, इन मोतियों को व्यर्थ न गंवाओ, ये हमारी ईश्वरीय संपदा है । झील सी आँखों का यह अविरल, निर्मल सोता है । ”

By Minni Mishra
 37