हसन' हर दिल ए अज़ीज़ हुआ नहीं जाता 'हसन' गिरते शबाब नौ खैज़ हुआ नहीं जाता ! हसन' हर दिल ए अज़ीज़ हुआ नहीं जाता 'हसन' गिरते शबाब नौ खैज़ हुआ नहीं जाता !
किस्सा ए उल्फत दर्द अंगज़ है साक़ी की बिश्यार माशुकम खुँ रेज़ है साक़ी। किस्सा ए उल्फत दर्द अंगज़ है साक़ी की बिश्यार माशुकम खुँ रेज़ है साक़ी।