हसन' हर दिल ए अज़ीज़ हुआ नहीं जाता 'हसन' गिरते शबाब नौ खैज़ हुआ नहीं जाता ! हसन' हर दिल ए अज़ीज़ हुआ नहीं जाता 'हसन' गिरते शबाब नौ खैज़ हुआ नहीं जाता !