हे !भारती सुता तुम्हें शत्-शत् नमन, ना जाने आज सबकी आंखें हैं नम। हे !भारती सुता तुम्हें शत्-शत् नमन, ना जाने आज सबकी आंखें हैं नम।
जनक सुता की खोज में वानर भी वारिधि लांघता है स्नेह सबको बांधता है। जनक सुता की खोज में वानर भी वारिधि लांघता है स्नेह सबको बांधता है।