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यारी के वास्ते

यारी के वास्ते

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कभी भी बेहिचक

खखार सकते हो

बिना खौफ़ पे

मार सकते हो टंगड़ी लताड़ सकते हो


खी खी करके हँसने में भी

हिचक नहीं होती

दोस्तों के सामने रोने में भी

झिझक नहीं होती


गर निभानी पड़ जाये वो दोस्ती नहीं

तकरार से टूट जाये

नहीं दोस्ती कोई


जाने अनजाने कई बार

फँसा जाते है

यार जब भी याद आते है

सपनों में भी हँसाते है


दोस्त हाथ मिलाते है

गन्दगी फैलाते है

फ़ैलाने का अधिकार है

हां दोस्तों के वास्ते

मुझे ये भी स्वीकार है



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