STORYMIRROR

यारी के वास्ते

यारी के वास्ते

1 min
327


कभी भी बेहिचक

खखार सकते हो

बिना खौफ़ पे

मार सकते हो टंगड़ी लताड़ सकते हो


खी खी करके हँसने में भी

हिचक नहीं होती

दोस्तों के सामने रोने में भी

झिझक नहीं होती


गर निभानी पड़ जाये वो दोस्ती नहीं

तकरार से टूट जाये

नहीं दोस्ती कोई


जाने अनजाने कई बार

फँसा जाते है

यार जब भी याद आते है

सपनों में भी हँसाते है


दोस्त हाथ मिलाते है

गन्दगी फैलाते है

फ़ैलाने का अधिकार है

हां दोस्तों के वास्ते

मुझे ये भी स्वीकार है



Rate this content
Log in