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Priyanka Sarkar

Others

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Priyanka Sarkar

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यादें

यादें

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यादें मिठाई के डब्बों कि तरह होती हैं

मिठाई का डिब्बा... 

जितना ऊपर से दिखने में सुदंर,

उतना ही अंदर से जिदंगी के पलों से भरा, 

एक सुहाना सफ़र ।


यादें इन्ही छोटे छोटे 

पलों को बुनकर बनती हैं ।

पल कभी रूकता नहीं,

मगर यादें बनकर सिमट जाती हैं

मिठाई के डब्बों में, 

हरेक मिठाई एक से बढ़कर एक ।

थोड़ा रुक कर खाओ,

तो और भी ज्यादा स्वादिष्ट लगने लगती है ।

यादें भी वैसी ही हैं...

ठहराव से जिदंगी थम सी जाती है।

पलों को जीते हुए चलो तो, 

यह कारवां भी यादें बन जाती है ।


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