STORYMIRROR

Priyanka Sarkar

Others

3  

Priyanka Sarkar

Others

यादें

यादें

1 min
11

यादें मिठाई के डब्बों कि तरह होती हैं

मिठाई का डिब्बा... 

जितना ऊपर से दिखने में सुदंर,

उतना ही अंदर से जिदंगी के पलों से भरा, 

एक सुहाना सफ़र ।


यादें इन्ही छोटे छोटे 

पलों को बुनकर बनती हैं ।

पल कभी रूकता नहीं,

मगर यादें बनकर सिमट जाती हैं

मिठाई के डब्बों में, 

हरेक मिठाई एक से बढ़कर एक ।

थोड़ा रुक कर खाओ,

तो और भी ज्यादा स्वादिष्ट लगने लगती है ।

यादें भी वैसी ही हैं...

ठहराव से जिदंगी थम सी जाती है।

पलों को जीते हुए चलो तो, 

यह कारवां भी यादें बन जाती है ।


Rate this content
Log in