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Deepa Dingolia

Others

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Deepa Dingolia

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* उम्मीद *

* उम्मीद *

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रंग हलके ज़रूर पड़े हैं 

एहतियात से सफर 

कट ही जायेगा।


नए जोश और उम्मीद से 

तू पंखों में अपने 

नयी जान पायेगा।

 

दयालु है वो.... 

 

तू अपनी ज़ंग ज़ारी रख 

खुदा जल्द ही 

अपनी रहमत बरपायेगा। 

  


साहित्याला गुण द्या
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