STORYMIRROR

Rachana Sharma

Others

2  

Rachana Sharma

Others

तुम्हे सुनना होगा

तुम्हे सुनना होगा

1 min
14.1K


सुनो पुरू 

तुम्हारा खिलौना 

बनती रही 

हम औरतें 

किसी को 

सहेजा गया 

उम्र भर 

तो किसी से 

खेला गया 

महीनों तक 

और कुछ 

बस.. 

पल दो पल 

खेलकर 

फेंक दी गयी 

पुर्जा पुर्जा 

बिखरने को 

 

 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन