शक्ति
शक्ति
इतनी कृपा हमपें
कर लो विधाता
मन की शक्ति
हमेशा बढाना
जीवन की अंधेरी
राहो में चलते
धैर्य और संयम
बरकरार रखना।।
इतनी कृपा हम पे
कर लो विधाता
मन चैतन्य को
कभी ना खोना
पतझड़ के कितने ही
मौसम क्यूँ न आये
हमारी हिम्मत को
हमेशा बढाना।।
गम का कितना भी
हो गहरा अंधेरा
पिछे सुबह की
सूरज का डेरा
रोशनी और प्रकाश से
संजीवन भरा
नयें दिन में
नयी खुशी का बसेरा ।।
पतझड़ के बाद
हर एक डाली
वसंत में
होती है हरियाली
पतझड़ में
हौसला बढा दो भला
यही कामना हो
ना कोई शिकवा गिला।।
इतनी कृपा हमपे
कर लो विधाता
मनःशक्ति को
हमेशा बढाना
जीवन की
अंधेरी राहो में
धैर्य और संयम
बरकरार रखना ।।
इतनी कृपा हमपें
कर लो विधाता
मनचैतन्य को
कभी ना खोना
पतझड़ के कितने ही
मौसम क्यूँ ना आये
हमारी हिम्मत को
हमेशा बढाना।।
धुनः इतनी शक्ति हमें
दो ना दाता.....
