STORYMIRROR

Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI डॉक्टर सगीर अहमद सिद्दीकी

Children Stories

4  

Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI डॉक्टर सगीर अहमद सिद्दीकी

Children Stories

सब्जियों पर कविता

सब्जियों पर कविता

1 min
718

आलू धनिया और मटर टमाटर आज चले सब मेले में।

पालक बैंगन गोभी भी बैठ गए सब ठेले में।

आलू बोला नहीं अकेला मैं तो कभी भी रहता हूं।

आलू मटर और धनिया रहते अक्सर मेरे झमेले में।

तोरई लौकी कद्दू बोले हम भी बड़े निराले है।

मूली और गाजर है सुंदर बैगन दादा काले हैं।

तभी करेला दादी बोली हम भी नहीं किसी से कम।

मुझे हैं जो भी खाते वह सेहत के रखवाले हैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन