STORYMIRROR

BANDITA Talukdar

Others

2  

BANDITA Talukdar

Others

रिश्तों की पोटली

रिश्तों की पोटली

1 min
155

कितना ख़ुश नसीब है हम

रिश्तों की पोटली में खिले है हम

कितना स्नेह आदर है इसमें

जिसमें खुद को सरहते है


इससे कैसे हम भागे

जाये तो जाये दुनिया वाले आगे

हम तो चलेंगे

रिश्तों की पोटली सजा के!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन