पर्यावरण
पर्यावरण
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रंगीन धरती का गीत पर्यावरण
प्रकृति का मधुर संगीत पर्यावरण,
टूट रहे तार सूना पर्यावरण
बचाना हमें धरती का आवरण,
कोयल की कूक,पंछी की चहक,
फूलो की महक,झरनों की छलक,
प्रदूषण ने फैलाया कैसा जाल
लिपटी हुई धरती उसमें आज,
कटे पेड़ों से बिगड़ा आकार
चहुँ ओर अब फैला हाहाकार,
आओ लगायें नये पेड़ पौधे ,
सूनी धरा में खुशियाँ हम बो दें,
नये गीत गाये हसीं पर्यावरण
वनसम्पदा का प्रतीक पर्यावरण।
