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Dr.R.N.SHEELA KUMAR

Others

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Dr.R.N.SHEELA KUMAR

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फूल की जैसे

फूल की जैसे

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अगर मैं गुलाब की जैसे सुंदर हूँ तो

अगर मैं कमल की जैसे है तो

जीवन में सुंदर और माँ सरस्वति का

अनुग्रह जिंदगी भर मिला है तो

जीवन कितनी स्वरस्य बनेगी

हम सोच भी न पाएँगे

हम भी रहना है फूल की जैसे


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