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syed abdul Basith

Others

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syed abdul Basith

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फरेबी आंखें

फरेबी आंखें

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तू तो फरेबी है,

अपनी आंखों के जाल से यूं खंजर ना मारा कर और,

ना तड़पा आशिकों को यूं अपनी आंखों के फरेब से,

वरना हर चेहरे के आगे तेरा ही अक्स नजर आएगा

और तेरी ही फरेबी आंखों का ही मंज़र होगा।


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