STORYMIRROR

Akash yadav 'nishi'

Others

4  

Akash yadav 'nishi'

Others

नवरात्र

नवरात्र

1 min
375

माता तेरे आने से ही घर में रौनक छाई है

चांद तारों को संग में ले कर

माँ तू मेरे घर में आई है

तेरे आने ही से मईय्या

खुशियां घर में आई है

शैलपुत्री बन कर मईय्या

तूने मेरा चौखट पार किया

माँ ने मेरी बड़े आदर से

माँ तेरा सत्कार किया

हम सबका उद्धार तू करने

बन ब्रह्मचारिणी आई है

तेरे ही महिमा ने माता

जग में रौशनी फैलाई है

धूप दीप जला कर जब माँ

हम तेरी आरती गाते हैं

चंद्रघंटा-कुष्मांडा के रूप में

तभी तो तुमको पाते हैं

कितने सुंदर कितने पावन

  माता तेरे रूप है

स्कंदमाता तुमसे ही तो

सुख दुख छांव धूप है

गोबर से लिप कर आंगन

निम की डाली द्वार पर सजाई है

तभी तो पायल की छम छम करती

माँ कात्यायनी घर में

अन्न धन ले कर आई है

कालरात्रि माता तेरी

महिमा भी अपरम्पार है

जब जब जग संकट में आया

हम करते तेरी गुहार हैं

महागौरी के रूप में मईय्या

तू सुख शांति की फुहार है

माँ तेरे हर रूप में मिलता

हमको सिर्फ दुलार है

सिद्धि हेतु मईय्या हम करते जिनका जाप हैं

हे जगतजननी माँ सिद्धिदात्री

वो तो माता हमारी आप हैं ।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन