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Dr.Pratik Prabhakar

Others

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Dr.Pratik Prabhakar

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नए प्रण

नए प्रण

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कुछ नई उम्मीदें,कुछ नए प्रण।।

ना माने हार,जीतें सभी ही रण।।


वक्त की नज़ाकत समझें सब

मार्ग बदले जरूरत हो जब।

आंके खुद की क्षमताओं को

सफल हो कार्य में जन जन।।


सब जगह दिखे  खुशहाली 

भागे साथ छोड़ कर बदहाली।

देश जनमानस का कल्याण हो

निरोग हो हर किसी का तन।।


शुभकामनाएं सबको नववर्ष

हर चेहरे पर हो केवल हर्ष।।

खुद की , औरों की मदद हो

पाएं सभी ही उत्कृष्ट जीवन।।


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