STORYMIRROR

डाॅ. बिपिन पाण्डेय

Others

2  

डाॅ. बिपिन पाण्डेय

Others

मुक्तक

मुक्तक

1 min
242


लगाकर बोलियाँ अपनी जहाँ खुद्दार बनता हैं।

सहारा झूठ का लेकर बड़ा सरदार बनता हैं।

समझ में ही नहीं आता सलीका आज का अदबी,

कलम जो बेचकर लिखता वही कृतिकार बनता हैं।।

            


Rate this content
Log in