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Rohit Verma

Others

5.0  

Rohit Verma

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मंज़िल

मंज़िल

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जब तुम मंज़िल के करीब होते हो,

तब उसी दौरान हारने के ड़र से

मुकाम तक पहुँच नहीं पाते,


जब तुम मंज़िल के करीब होते हो,

बीच रास्ते में छोड़कर भाग जाते,


जब तुम मंज़िल के करीब होते हो,

असफल प्रयास को देखकर भाग जाते,


जब तुम मंज़िल के करीब होते हो,

गलत रास्ता देखकर उससे हाथ मिलाते,



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