महफ़िल
महफ़िल
1 min
822
हम तो यूँ ही गुज़र जाते मुसाफिरों के काफिले में
एक हवा के झोंके ने हमारा रुख मोड़ दिया ।
यारों की महफ़िल में हमने कदम क्या रखा
जाने कब उनके दिलों ने हमसे नाता जोड़ लिया।
हम तो यारी दोस्ती को झूठ समझकर बैठे थे
महफ़िल के उस मौसम ने हमारा भ्रम तोड़ दिया।
दोस्ताना महफ़िल में अब बहुत सुकून सा रहता है
हमने विजय के पथ वाला मुसाफिरा काफिला छोड़ दिया।
