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Sudha Singh

Others

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Sudha Singh

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मेरी अभिलाषा

मेरी अभिलाषा

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नभ जैसा निर्मल हूं 

शशि जैसा शीतल हूं

धरती सा सहनशील 

पर्वत सा अविचल हूं

मेरी अभिलाषा हूं


            मेघों सा मिट जाऊं

           सागर सा लहराऊँ

          सेवा के पथ पर मैं

         सुमन सा बिछ जाऊं मैं 

        मेरी अभिलाषा है



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