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Sudha Singh

Others

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Sudha Singh

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बसंत ऋतु

बसंत ऋतु

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फूल फूल पर झूल झूल कर 

भौरे गाते है गाना,

डाल - डाल पर, पात - पात पर 

कोयल का स्वर मस्ताना 

महक -महक कर, चहक- चहक कर 

हवा यहां इठलाती है

तन खुश होता, मन खुश होता,

जब बसंत ऋतु आती है



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