बसंत ऋतु
बसंत ऋतु
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फूल फूल पर झूल झूल कर
भौरे गाते है गाना,
डाल - डाल पर, पात - पात पर
कोयल का स्वर मस्ताना
महक -महक कर, चहक- चहक कर
हवा यहां इठलाती है
तन खुश होता, मन खुश होता,
जब बसंत ऋतु आती है
