STORYMIRROR

Chetna Joshi

Others

3  

Chetna Joshi

Others

मेरे शिक्षक मेरे गुरु

मेरे शिक्षक मेरे गुरु

1 min
243


मेरे स्कूल का पहला दिन 

मेरी मां ही मेरी गुरु बनी 

मुझे सजा के स्कूल भेजा 


दूसरे गुरु मेरे पापा 

जिसकी उंगली पकड़ कर में स्कूल चलीll


नया रास्ता नई मंजिल 

कुछ पाने जीने हेतु मैं स्कूल चलीll

 

जीवन को रास्ता दिखाने 

गुरु ने स्मित देकर मेरा स्वागत किया ll


स्कूल का पहला दिन मेरे तीन गुरुओं से शुरुआत हुई 


माता-पिता और मेरा शिक्षक

हर रोज जीवन कुछ नया पाठ सिखाते गुरुll


पुस्तकों के साथ दुनिया भी दिखाई और सिखाई गुरुने ll


पढ़ाई का महत्व पार्ई

पढाई से नाता जोड़ा l

मन लगाकर पढ़ा लिखा 

शिक्षा से जिंदगी बनाई ll


याद आ रहा वह स्कूल का पहला दिन, 

आज चले मेरी उंगली पकड़ कर स्कूल आने को विद्यार्थी,

तब याद आ रहा मेरा वह पहला स्कूल का दिनl


     


Rate this content
Log in