मेरा बचपन
मेरा बचपन
1 min
821
मेरे भीतर मेरा बचपन है,
बङो को देखकर सहम जाता है,
इतनी बड़ी दुनिया में वह,
हमेशा अकेला ही रह जाता है।
अगर बड़ा होना है तो अपने कर्मों से बड़ी हो,
न की अपने भीतर के बचपने को मारकर।
अगर इस दुनिया में तुम्हारा बचपना तुम्हारे पास है,
तो समझ लेना कि तुम्हें जीवन जीना आ गाया है,
नहीं तो तुम एक जींदा लाश हो,
जिसके पास सब कुछ होकर भी,
कुछ नहीं रह पाता हैै।
