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Nand Lal Mani Tripathi pitamber

Others

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Nand Lal Mani Tripathi pitamber

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माँ के रूप अनेकों

माँ के रूप अनेकों

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मेरी माँ के रूप अनेक

एक से बढ़कर एक हर

छबि मनोहर।।

माँ शेर पे सवार 

हाथ त्रिशूल तलवार

दुष्टों की दहसत संघार

माँ दूर्गा सुंदर।।

मेरी माँ के कई रूप

एक से बढ़कर एक हर

छवी मनोहर।।

हाथों में खप्पर दुष्टों

की रक्त पिपासी माँ

खप्पर वाली रक्त बीज

संघारी माँ काली सांवर।।

मेरी माँ के कई रूप एक से

बढ़कर एक हर रूप मनोहर

हंस वाहिनी कर वीणा

धारिणी विद्या वादिनी

माँ वीणा पाणि पद्मासिनि

कमल कर कमल धारिणी।। 

मेरी माँ के कई रूप

एक से बढ़कर एक हर 

छबि मनोहर।।

महिससुर मर्दिनी

अहंकार विनाशिनी

मोक्षदायिनी जग तारिणी

भारिणी माँ दुष्ट भय भयंकर।।

गले मुंड की माला

हाथ लिये नर मुंड

काल विकट विकराल

माँ काली काल रात्रि शत्रु

विनाशिनी।।

मेरी माँ के कई रूप

एक से बढ़कर एक हर

रूप मनोहर।।

दुःख क्लेश नाशिनी

शुभ फल दायनी

जगत कल्याणी माँ

पहाड़ा वाली।।

मेरी माँ के कई रूप

एक से बढ़कर एक 

हर रूप मनोहर।।

गौर वर्ण की गौरी

भक्ति की शक्ति 

क्षमा करुणा की मूरत

निर्भयकारी।।

मेरी माँ के कई रूप एक

से बढ़कर एक हर रूप

मनोहर।।

ज्योत्ति की ज्वाला

माँ ज्वाला देवी

जग उसकी संतान

माँ नैनों की नेह निहार माँ नैना देवी ।।

विंध्यवासिनी माँ

विंध्याचल वाली

अष्टभुजाओ वाली

माँ की माया महिमा

अपरम्पार माँ अष्ट भूजी।।

मेरी माँ के रूप अनेको

माँ चंडी देवी, माँ मानस देवी

देवो की देवी देव भूमि की

पावन मान सम्मान।।

माँ शारदे जग जजनी

जग कल्याणि न्यारी 

और निराली माँ मैहर वाली।।

मां सिद्धिदात्री हर सिद्धि

महाकाल संगिनी सिंदूर

रंग सोहिनी हरसिद्धि माता।।

मेरी माँ के कई रूप एक से

बढ़कर एक रूप मनोहर।।

माँ छिन्नमस्तिका माँ

त्याग तपस्या की जननी

 छिन्नमस्तिका माता

चिंता ब्याधि रोग

से मुक्त करती भय भंजक

शोक विनाशक माँ चिंतपूर्णी।।

जग जननी जगदंबे

जोते वाली माँ वैष्णव

देवी युग निर्मात्री सृष्टि

की दृष्टि माँ कामाख्या

जग माता।।

मेरी माँ के रूप अनेकों

एक से बढ़कर एक हर

छबि मनोहर।।

माँ वरदायनी ममता की

आँचल छाया माँ श्रृंगी 

देवी।।

मेरी माँ के रूप अनेक

एक से बढ़कर एक हर

छबि मनोहर ।।



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