कोरोना
कोरोना
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फैल रहा कोरोना का कहर कि अब घर में रहो।
जहर भरा है इन गलियों में कि अब घर में रहो।।
जनता कर्फ्यू लगाया जनता ने ही जनता के लिए।
बचाना हो अगर जान अपनी कि अब घर में रहो।।
न मंदिर ना मस्जिद में मिलेगी अब कहीं पनाह ।
हर तरफ है वायरस का असर कि अब घर में रहो।।
अश्कों को सुखा लो पनियाली आँखों से अपनी।
भूखे ही सही मगर मज़दूर तुम अब घर में रहो।
अमीर बीमारी लेकर आए हैं विदेशों से "वकील"
ग़रीब तुम बेबसी, फांका कशी, लिए घर में रहो ।।
