जल
जल
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जल की धारा है, जिंदगी
इसमें बह जाना है,
जो इसमें बह ना पाए तो,
इसने बहा ले जाना है,
निकलना है, अगर जिंदगी मे आगे
तो जल की धारा मे बहना सीखो।
अपनी जिंदगी मे ईर्ष्या, द्वेष
और अहंकार का मिश्रण ना करो।
जल की धारा है, जिंदगी
इसमें बह जाना है,
अपने मन के जल की धारा को शीतल रख,
बह के दूर है, जाना
रुकना नहीं बस बहते है, जाना
जिंदगी के मझधार को सुलझा कर है, जाना
जल की धारा है, जिंदगी
इसमें बह जाना है।
