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Meet Banarasi

Others

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Meet Banarasi

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जज़्बात

जज़्बात

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इस किताब के कुछ पन्ने मेरे भी हैं

कुछ रात के उजाले , 

कुछ दिन के अन्धेरे मेरे भी हैं

कुछ दिल की बात

कुछ बहके हुए जज़्बात मेरे भी हैं

अँधियारी रातों में 

कुछ टिमटिमाते तारे और

कुछ टूटे हुए ख़्वाब मेरे भी हैं

सावन के मौसम में

कुछ ख़ुशियों की बारिश 

और अश्कों के सैलाब मेरे भी हैं

जीवन के इस सफ़र में

कुछ अनदेखे मंज़र और

कुछ बीते हुए कल मेरे भी हैं

अधरों पर बिखरी हुई मुस्कान में

कुछ यादों की हलचल और

कुछ मुस्कुराते हुए पल मेरे भी हैं ।



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