हम हैं काव्य प्रेमी
हम हैं काव्य प्रेमी
1 min
421
हम है सब काव्य प्रेमी
काव्य हमारा काम
बिना काव्य के कभी
नहीं करते हम आराम
भावना मन की शब्दों में
उतर आती है कलम से
शब्द सागर बनता है
तैरते है हम मन से
कभी यहाँ तो कभी वहाँ
नहीं है एक ठिकाना
जो जंचता है मन को
लगता है उसपर निशाना
सही भाव को प्रकटना
है नहीं उतना आसान
कल्पना शक्ती से अपने
भरते है हम उँची उड़ान
