STORYMIRROR

Niti Sharma

Others

3  

Niti Sharma

Others

दोस्ती

दोस्ती

1 min
257


काश फिर मिलने की वजह मिल जाए

साथ जितना भी बिताया वो पल मिल जाए


चलो अपनी अपनी आँखें बंद कर लें

क्या पता ख़्वाबों में गुज़रा हुआ कल

मिल जाए


मौसम को जो महका दे उसे ‘इत्र’ कहते हैं

जीवन को जो महका दे उसे ही ‘मित्र’ कहते है


क्यूँ मुश्किलों में साथ देते हैं दोस्त

क्यूँ ग़म को बाँट लेते हैं दोस्त


न रिश्ता खून का न रिवाज से बंधा है

फिर भी ज़िन्दगी भर साथ देते हैं दोस्त


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन